इंजीनियरिंग में दाखिले का सपना देखने वाले लाखों छात्रों के लिए जेईई मेन 2026 का सेशन 1 एक अहम पड़ाव साबित हुआ है। यह परीक्षा 21 जनवरी से 29 जनवरी 2026 तक देशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर सफलतापूर्वक शुरू हों चुकी है। इस परीक्षा के जरिए देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों जैसे IIT, NIT, IIIT और GFTI में एडमिशन का रास्ता खुलता है।
12 लाख से ज्यादा छात्रों ने कराया रजिस्ट्रेशन
JEE मेन 2026 सेशन 1 के लिए इस बार रिकॉर्ड संख्या में छात्रों ने आवेदन किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 12 लाख से अधिक कैंडिडेट्स ने इस परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया था। यह आंकड़ा बताता है की इंजीनियरिंग की पढ़ाई के प्रति छात्रों की रुचि अभी भी काफी मजबूत बनी हुई है।
7 लाख से ज्यादा छात्र दे चुके है परीक्षा

अब तक सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, 7 लाख से अधिक उम्मीदवार JEE मेन 2026 सेशन 1 की परीक्षा में शामिल हो चुके है। परीक्षा का आयोजन ऑनलाइन कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में किया गया। छात्रों ने बताया की इस बार प्रश्नों का स्तर मध्यम से थोड़ा कठिन रहा, खासकर गणित के सवालों ने कई छात्रों को चुनौती दी।
छात्रों के बीच रिजल्ट को लेकर तेज हुई चर्चाएं
JEE मेन सेशन 1 की परीक्षा खत्म होते ही छात्रों के बीच रिजल्ट को लेकर चर्चाएं तेज हो गई है। सोशल मीडिया और कोचिंग संस्थानों के अनुमान के अनुसार, JEE मेन 2026 सेशन 1 का रिजल्ट 11 फरवरी से 14 फरवरी 2026 के बीच जारी किया जा सकता है। हालांकि, एनटीए की ओर से अभी तक रिजल्ट डेट को लेकर कोई आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है।
रिजल्ट के बाद जारी होगी फाइनल आंसर की
रिजल्ट से पहले एनटीए की ओर से प्रोविजनल आंसर की जारी की जाएगी, जिस पर छात्रों को आपत्ति दर्ज कराने का मौका मिलेगा। इसके बाद आपत्तियों की समीक्षा कर फाइनल आंसर की जारी की जाएगी और उसी के आधार पर परिणाम घोषित किया जाएगा। छात्रों को सलाह दी जाती है की वे नियमित रूप से एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें।
JEE मेन स्कोर से क्या-क्या खुलेगा रास्ता?
JEE मेन का स्कोर सिर्फ NIT और IIIT में एडमिशन के लिए ही नहीं, बल्कि JEE एडवांस्ड 2026 में बैठने की पात्रता भी तय करता है। सेशन 1 और सेशन 2 दोनों में से छात्रों का बेस्ट स्कोर फाइनल मेरिट में शामिल किया जाएगा, जिससे छात्रों को बेहतर रैंक हासिल करने का मौका मिलता है।
17 फरवरी से शुरू होंगे CBSE बोर्ड एग्जाम
JEE मेन के ठीक बाद छात्रों के लिए एक और बड़ी चुनौती सामने खड़ी है। 17 फरवरी 2026 से सीबीएसई बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने जा रही है। ऐसे में 12वीं कक्षा के छात्र, जिन्होंने JEE मेन दिया है, अब पूरी तरह बोर्ड परीक्षा की तैयारी में जुट गए है। विशेषज्ञों का कहना है की इस समय सही टाइम मैनेजमेंट और रिवीजन बेहद जरूरी है।
https://www.facebook.com/avmtimes/आगे की रणनीति बनाना जरूरी
JEE मेन सेशन 1 देने के बाद छात्रों को अब अपने प्रदर्शन का विश्लेषण करना चाहिए और सेशन 2 की तैयारी की रणनीति बनानी चाहिए। वहीं, बोर्ड परीक्षा को नजरअंदाज करना भी भारी पड़ सकता है, क्योंकि इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन के लिए बोर्ड में न्यूनतम अंक भी जरूरी होते हैं।https://avmtiems.in
कुल मिलाकर, JEE मेन 2026 सेशन 1 लाखों छात्रों के लिए एक बड़ा अनुभव रहा है। अब सभी की नजरें रिजल्ट पर टिकी हुई हैं, जो उनके भविष्य की दिशा तय करेगा।





