दिल्ली हाई कोर्ट का सख्त आदेश: उत्तम नगर में ईद और रामनवमी तक कड़ी सुरक्षा सुनिश्चित करें, पुलिस और प्रशासन को दिए विशेष निर्देश

राजधानी दिल्ली में त्योहारों के दौरान शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने एक अहम टिप्पणी की है। गुरुवार को कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा की पश्चिमी दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में हर हाल में शांति और सुरक्षा का माहौल सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इस मामले में कोर्ट ने दिल्ली पुलिस और प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।

जनहित याचिका पर हुई सुनवाई

यह मामला तब सामने आया जब ‘एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स’ नामक संगठन ने कोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर की। याचिका में कहा गया की ईद के मौके पर उत्तम नगर क्षेत्र में सांप्रदायिक तनाव की आशंका हो सकती है, जिसे देखते हुए पहले से ही एहतियाती कदम उठाने की जरूरत है। इसी मांग को लेकर संगठन ने बुधवार को हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

चीफ जस्टिस की बेंच का कड़ा रुख

इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस डी. के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की बेंच ने की। सुनवाई के दौरान बेंच ने कहा की प्रशासन की जिम्मेदारी है की वह लोगों के बीच सुरक्षा और विश्वास का माहौल बनाए। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया की त्योहारों के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पुलिस को दिए गए अहम निर्देश

हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया की वह इलाके में पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बल तैनात करे। साथ ही संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जाए। कोर्ट ने कहा की पुलिस का बंदोबस्त इस तरह होना चाहिए की हर नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस करे।

कोर्ट ने यह भी सुझाव दिया की स्थानीय प्रशासन और पुलिस आपसी समन्वय के साथ काम करें और किसी भी अफवाह या भड़काऊ गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करें। सोशल मीडिया पर फैलने वाली गलत जानकारी पर भी कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए है।

इस बार सभी त्योहारों पर कड़ी सुरक्षा इसलिए भी रखी जा रही है क्योंकि हाल ही में होली के त्योहार पर भी इलाके में कुछ ऐसी दिल दहला देना वाली खबरें सामने आई थी जिसे त्योहार का मजा खराब कर दिया था।

ईद और रामनवमी तक विशेष सतर्कता

बेंच ने अपने आदेश में यह भी कहा की केवल ईद ही नहीं, बल्कि आने वाले रामनवमी त्योहार तक इलाके में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी जाए। कोर्ट का मानना है की लगातार त्योहारों के चलते माहौल संवेदनशील रह सकता है, इसलिए सुरक्षा में किसी तरह की ढील नहीं दी जानी चाहिए।

सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील

कोर्ट ने अपने आदेश में समाज के सभी वर्गों से भी अपील की कि वे शांति और भाईचारे को बनाए रखें। न्यायालय ने कहा कि त्योहार खुशी और एकता का प्रतीक होते हैं, इसलिए किसी भी प्रकार की नफरत फैलाने वाली गतिविधियों से दूर रहना चाहिए।

हाई कोर्ट ने साफ तौर पर कहा कि यदि किसी भी प्रकार की कानून व्यवस्था की समस्या उत्पन्न होती है, तो इसके लिए संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी जरूरी कदम समय रहते उठाए जाएं।https://avmtimes.in/cbi-so-recruitment-2026-opportunity-to-make-career-in-it-mobile-app-cloud-and-cyber-security-apply-till-20-23-march/

दिल्ली हाई कोर्ट का यह निर्देश स्पष्ट करता है कि न्यायपालिका कानून व्यवस्था के मामलों में कितनी गंभीर है। उत्तम नगर जैसे संवेदनशील इलाकों में शांति बनाए रखना प्रशासन के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी है। ऐसे में पुलिस और प्रशासन की सक्रियता ही यह तय करेगी कि त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हों और समाज में भाईचारा कायम रहे।https://www.youtube.com/@avmtimes