एमसीडी में पार्किंग घोटाला: 5 करोड़ बकाया फिर भी ठेकेदार को फायदा

रोहिणी M2K पार्किंग घोटाले में MCD अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत, करोड़ों के बकाया के बावजूद नई पार्किंग अलॉटमेंट का मामला

दिल्ली नगर निगम के अधिकारियों की सांठ गांठ से निगम को करोड़ों रुपए का चुना लग रहे हैं पार्किंग माफिया

दिल्ली नगर निगम का आरपी सेल पहले ही बदनाम है अब एक और मामला सामने आया है जिसमें एक चहते पार्किंग ठेकेदार को फायदा पहुंचाने के लिए एरिया इंस्पेक्टर और अधिकारी किसी भी स्तर तक जा कर ठेकेदार को फायदा पहुंचा रहे है और निगम को करोड़ों का राजस्व का घाटा
m2k मंगल पैलेस रोहिणी सेक्टर 3 पार्किंग का है जिसके अंदर करीब पार्किंग ठेकेदार पर 5 करोड से ज्यादा रुपए ड्यूज बकाया है लेकिन उसके बावजूद अधिकारियों ने इस पार्किंग के ठेकदार से बकाया ड्यूज लेने के बजाय ओर भी पार्किंग अलाट कर दी गईI

M 2 K पार्किंग के ठेकेदार को कहीं और अलॉटमेंट लेटर दे दिया गया है जबकि पहले एमसीडी के अधिकारियों ने टेंडर में साफ शर्तें रखी थी कि जिन पार्किंग ठेकेदारों पर ड्यूज बकाया होंगे उनको पार्किंग का अलॉटमेंट नहीं मिलेगा और इसके चलते 3 महीने तक पार्किंग के टेंडर में देरी की गई जिसकी वजह से निगम को करोड़ों रुपए का राजस्व का नुकसान हुआ लेकिन उसके बावजूद आर पी सेल के अधिकारियों और एरिया इंस्पेक्टर की मिली भगत से एक खास चाहते पार्किंग ठेकेदार को फायदा पहुंचाने के लिए ड्यूज बकाया होने के बावजूद उसकी दूसरी पार्किंग का ऑफर लेटर कहीं और दे दिया गया हैI
दिल्ली के रोहिणी इलाके में m2k पार्किंग में पहले पार्किंग ठेकेदार पर 5 करोड रुपए निगम के बकाया हैI
सूत्रों के मुताबिक m2k पार्किंग ठेकेदार पर फर्जी कागज के जरिए कोर्ट को यह बताया गया था की कई प्लॉट पर पार्किंग नहीं चल रही है जबकि ठेकेदार के द्वारा पूरे प्लॉटों पर ही पार्किंग के अलावा अधिक पार्किंग की जा रही हैI
अधिकारियों ने इस मामले में लापरवाही बरती और इसकी वजह से निगम को अभी तक करोड़ों रुपए का चूना लग चुका है यह पार्किंग जय गणेश का नाम की कंपनी को 32 लख रुपए पर महीने दी गई थीI

पार्किंग ठेकेदार ने फर्जी कागजों के माध्यम से उच्च न्यायालय से ऐसे आदेश प्राप्त किया जिससे वह एमसीडी में चार पलटों का ही किराया जमा कर रहा था
जबकि यह आदेश डेढ़ साल पहले के हैI

जबकि वास्तविक स्थिति यह थी कि ठेकेदार द्वारा एमसीडी से आवंटित पार्किंग एरिया से भी अधिक पार्किंग एरिया का उपयोग किया जा रहा था और इसका फायदा सीधा पार्किंग ठेकेदार को हो रहा था और जबकि निगम को रेवेन्यू घाटा हो रहा था
निगम के आरपी सेल के भ्रष्ट अधिकारियों की वजह से निगम को राजस्व का काफी नुकसान हुआ है और ऐसे में अब फिर से इस पार्किंग के ठेकेदार को बकाया राशि नहीं ली गई और दूसरी पार्किंग साइट का ऑफर लेटर दे दिया गया हैI
जबकि पहले जो इंस्पेक्टर और अधिकारी थे उन्होंने साफ मना कर दिया था कि कोई हम इसमें रिमानेशन (छूट) नहीं देंगे क्योंकि आप पार्किंग का पूरे एरिए में पार्किंग कर रहे हो लेकिन ठेकेदार ने वहां अभी आए नए अधिकारियों को रिश्वत देकर गलत रिपोर्ट लिखवाकर ओर डी डी ए के अधिकारियों से भी गलत रिपोर्ट बनवा कर गलत रिपोर्ट पेश कर दी गई आप खुद देख कर हैरान रह जायेंगे कि पार्किंग ठेकेदार ने उच्च न्यायालय को भी धोखे में रखा ओर दिल्ली नगर निगम के द्वारा लोड की गई पार्किंग एरिया से भी ज्यादा में पार्किंग अभी भी की जा रही हैhttps://avmtimes.in/big-mock-drill-exercise-regarding-char-dham-yatra-2026-security/
निगम के द्वारा अब यह जांच का विषय है कि आखिर एक ठेकेदार को ही फायदा क्यों पहुंचाया जा रहा है और वह कौन से संबंधित दोषी अधिकारी है उनके खिलाफ जांच कर कार्यवाही की जाएhttps://www.youtube.com/@avmtimes