हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने बुधवार को अपने एक बयान में कहा कि वह इस वर्ष आयोजित होने वाले अपने वार्षिक कार्यक्रम ‘परीक्षा पे चर्चा’ में छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से बातचीत करने के लिए काफी ज्यादा उत्सुक है। प्रधानमंत्री ने यह बात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के माध्यम से साझा की। उन्होंने अपने संदेश में यह भी उल्लेख किया कि कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं नजदीक आ रही है और इसी क्रम में इस साल की ‘परीक्षा पे चर्चा’ भी आयोजित की जाएगी।
प्रधानमंत्री मोदी जी का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब देशभर में लाखों छात्र बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी में जुटे हुए है और परीक्षा से जुड़े तनाव, दबाव और उम्मीदें अपने चरम पर होती है। ऐसे में ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम छात्रों के लिए न सिर्फ मार्गदर्शन का माध्यम बनता है, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाने में भी अहम भूमिका निभाता है।
सोशल मीडिया के जरिए साझा किया संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि वह इस साल के ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम को लेकर काफी उत्साहित है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से सीधे संवाद करने का एक सशक्त मंच है। पीएम मोदी जी ने यह भी बताया कि बोर्ड परीक्षाओं का समय नजदीक होने के कारण यह चर्चा और भी अधिक प्रासंगिक हो जाती है।
उन्होंने अपने संदेश में छात्रों को सकारात्मक रहने और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा की तैयारी करने का भी संकेत दिया। सोशल मीडिया पर साझा किए गए इस पोस्ट के बाद से ही छात्रों और शिक्षकों के बीच इस कार्यक्रम को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है।
क्या है ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम
‘परीक्षा पे चर्चा’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा शुरू किया गया एक वार्षिक संवाद कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य परीक्षा के तनाव को कम करना और छात्रों को सही दिशा में मार्गदर्शन देना है। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री जी सीधे छात्रों से बातचीत करते है और उनके सवालों का जवाब देते है।
इस दौरान परीक्षा की तैयारी, समय प्रबंधन, तनाव से निपटने के उपाय, करियर चयन, अभिभावकों की भूमिका और शिक्षकों के योगदान जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाती है। यह कार्यक्रम न केवल छात्रों के लिए, बल्कि माता-पिता और शिक्षकों के लिए भी बेहद उपयोगी साबित होता है।
छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों की अहम भूमिका
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि ‘परीक्षा पे चर्चा’ केवल छात्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें अभिभावकों और शिक्षकों की भी अहम भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालकर उन्हें समझना और उनका मनोबल बढ़ाना जरूरी है।
कार्यक्रम के दौरान माता-पिता को यह समझाया जाता है कि परीक्षा ही जीवन का अंतिम लक्ष्य नहीं होती, बल्कि यह सीखने की प्रक्रिया का एक हिस्सा है। वहीं शिक्षकों को भी छात्रों को सहयोगात्मक और प्रेरणादायक माहौल देने पर जोर दिया जाता है।
बोर्ड परीक्षाओं से पहले राहत का संदेश

हर साल की तरह इस बार भी ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम से लाखों छात्रों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। बोर्ड परीक्षाओं से पहले प्रधानमंत्री जी का यह संवाद छात्रों को आत्मविश्वास देता है और उन्हें यह एहसास कराता है कि वे अकेले नहीं हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का यह प्रयास शिक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जाता है। आने वाले दिनों में इस कार्यक्रम की तारीख और अन्य विवरण सामने आने की उम्मीद है, जिसका इंतजार देशभर के छात्र, अभिभावक और शिक्षक बेसब्री से कर रहे है।





