देश की राजधानी नई दिल्ली में हर साल आयोजित होने वाला विश्व पुस्तक मेला

देश की राजधानी नई दिल्ली में हर साल आयोजित होने वाला विश्व पुस्तक मेला पुस्तक प्रेमियों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं होता। साल 2026 में आयोजित होने वाला विश्व पुस्तक मेला कई मायनों में खास साबित होने जा रहा है। इस बार न सिर्फ देश बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में लेखक, प्रकाशक और किताबों से प्रेम करने वाले लोग इसमें शामिल होंगे। सबसे बड़ी खास बात यह है कि इस वर्ष विश्व पुस्तक मेले में प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रखा गया है, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग इस ज्ञान के महाकुंभ का हिस्सा बन सकेंगे।

10 जनवरी से भारत मंडपम में होगा आयोजन

साल 2026 का विश्व पुस्तक मेला 10 जनवरी से नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा। यह मेला कुल 9 दिनों तक चलेगा, जिसमें पाठकों को किताबों की अनगिनत दुनिया में खो जाने का अवसर मिलेगा। भारत मंडपम, जो आधुनिक सुविधाओं से लैस एक भव्य स्थल है, इस मेले को और भी आकर्षक बनाएगा। यहां आने वाले लोग न केवल किताबें खरीद सकेंगे बल्कि साहित्यिक चर्चाओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आनंद उठा सकेंगे।

बिना टिकट प्रवेश: हर वर्ग के लिए खुला मेला

इस बार विश्व पुस्तक मेला 2026 की सबसे बड़ी खासियत है कि प्रवेश के लिए किसी भी प्रकार की टिकट नहीं लगेगी। यानी छात्र, शिक्षक, शोधकर्ता, लेखक, बुजुर्ग और आम पाठक सभी बिना किसी शुल्क के मेले में प्रवेश कर सकेंगे। इससे खासकर युवाओं और विद्यार्थियों को पढ़ने की ओर प्रेरणा मिलेगी और पुस्तक संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।

देश-विदेश के प्रकाशकों की होगी भागीदारी

विश्व पुस्तक मेला हर साल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखता है। इस बार भी देश और विदेश के प्रसिद्ध प्रकाशक यहां अपने स्टॉल लगाएंगे। हिंदी, अंग्रेज़ी सहित कई भारतीय और विदेशी भाषाओं की किताबें पाठकों के लिए उपलब्ध होंगी। साहित्य, इतिहास, विज्ञान, तकनीक, बच्चों की किताबें, प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी पुस्तकें और डिजिटल पब्लिकेशन—हर विषय की किताबें एक ही छत के नीचे मिलेंगी।

लेखकों से संवाद और साहित्यिक कार्यक्रम

विश्व पुस्तक मेले का एक अहम आकर्षण लेखक संवाद सत्र, पुस्तक विमोचन और साहित्यिक परिचर्चाएं होती है। यहां प्रसिद्ध लेखकों से आम पाठकों को सीधे संवाद करने का मौका मिलता है। इसके अलावा कविता पाठ, कहानी सत्र, पैनल डिस्कशन और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जो साहित्य प्रेमियों के लिए बेहद खास अनुभव होगा।

बच्चों और युवाओं के लिए विशेष आयोजन

इस मेले में बच्चों और युवाओं के लिए अलग-अलग ज़ोन बनाए जाते है, जहां उन्हें रचनात्मक गतिविधियों, कहानी सुनाने के सत्र और ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। इससे बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित होगी और युवा वर्ग को नई सोच व दृष्टिकोण मिलेगा।

पुस्तक संस्कृति को मजबूत करने का प्रयास

विश्व पुस्तक मेला केवल किताबों की खरीद-बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पढ़ने की संस्कृति को मजबूत करने का एक बड़ा मंच है। डिजिटल युग में जब लोग किताबों से दूर होते जा रहे है, ऐसे में यह मेला पाठकों को फिर से पुस्तकों से जोड़ने का काम करता है।

कुल मिलाकर, विश्व पुस्तक मेला 2026 ज्ञान, साहित्य और संस्कृति का एक भव्य आयोजन होने जा रहा है। निःशुल्क प्रवेश, अंतरराष्ट्रीय भागीदारी और विविध कार्यक्रमों के कारण यह मेला हर वर्ग के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा। यदि आप किताबों से प्रेम करते है, तो 10 जनवरी से भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित होने वाले इस मेले में जरूर जाएं और ज्ञान की इस अद्भुत दुनिया का हिस्सा बनें।