नई दिल्ली, 17 अप्रैल 2026:
नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) द्वारा अपने क्षेत्र को मशीनीकृत और तकनीक-आधारित स्वच्छता व्यवस्था के माध्यम से “झाड़ू-मुक्त शहर” बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। इस दूरदर्शी अभियान के अंतर्गत एनडीएमसी के अध्यक्ष श्री केशव चंद्र ने आज पालिका केंद्र, नई दिल्ली से 20 विशेष कूड़ा-उठाने वाली ‘गॉब्लर’ मशीनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस अवसर पर अध्यक्ष ने कहा कि एनडीएमसी स्वच्छता के क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों को अपनाकर एक नया मानक स्थापित कर रही है। यह पहल न केवल शहर की सफाई व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाएगी, बल्कि मैनुअल सफाई पर निर्भरता को भी कम करेगी।
स्वच्छता में तकनीक आधारित बदलाव की दिशा में कदम
एनडीएमसी अध्यक्ष ने बताया कि ‘झाड़ू-मुक्त शहर’ पहल के तहत उन्नत कूड़ा-संग्रहण मशीनों की तैनाती शहरी स्वच्छता के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस योजना का उद्देश्य स्मार्ट और तकनीक-आधारित समाधानों को अपनाकर सफाई व्यवस्था को अधिक कुशल, सुरक्षित और सतत बनाना है।
उन्होंने कहा कि इस पहल से:
- मैनुअल सफाई पर निर्भरता कम होगी
- कार्यकुशलता में वृद्धि होगी
- सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी
- पर्यावरण अनुकूल स्वच्छता व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा
‘गॉब्लर’ मशीनों की विशेषताएं और उपयोग
एनडीएमसी अध्यक्ष श्री केशव चंद्र ने बताया कि तैनात की गई 20 ‘गॉब्लर’ मशीनें विशेष रूप से बाजारों और भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में सफाई के लिए उपयोग की जाएंगी।
इन मशीनों की प्रमुख विशेषताएं:
- बैटरी संचालित और पर्यावरण-अनुकूल
- कम शोर में संचालन
- प्रभावी कचरा संग्रहण क्षमता
- सार्वजनिक स्थानों की तेज और नियमित सफाई
- संपर्क रहित (Contactless) कचरा संग्रहण प्रणाली
इन मशीनों के उपयोग से स्वच्छता कार्य अधिक तेज़, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से किया जा सकेगा।
सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा और कार्यक्षमता में सुधार

अध्यक्ष ने बताया कि गॉब्लर मशीनें कचरे के साथ सीधे मानव संपर्क को कम करती हैं, जिससे सफाई कर्मचारियों के स्वास्थ्य जोखिम में कमी आती है। इससे न केवल उनकी कार्यस्थल सुरक्षा बढ़ती है, बल्कि उनके कार्यभार में भी उल्लेखनीय राहत मिलती है।
उन्होंने कहा कि एनडीएमसी का उद्देश्य केवल शहर को स्वच्छ बनाना नहीं, बल्कि सफाई कर्मचारियों की गरिमा और सुरक्षा को भी प्राथमिकता देना है।
समेकित मशीनीकृत स्वच्छता प्रणाली
एनडीएमसी ने अपने क्षेत्र में एक व्यापक और सुव्यवस्थित मशीनीकृत स्वच्छता ढांचा लागू किया है, जिसके अंतर्गत विभिन्न चरणों में सफाई कार्य किए जाते हैं:
- उद्यान क्षेत्रों में लीफ ब्लोअर से पत्तों की सफाई
- सड़कों की नियमित मैनुअल सफाई और कचरा निष्कासन
- प्रमुख मार्गों पर मशीनीकृत सड़क सफाई (MRS)
- उच्च-दबाव जेटिंग मशीनों से धूल नियंत्रण
- लिटर पिकर मशीनों द्वारा अंतिम कचरा संग्रहण
बाजारों, गलियारों, प्लाज़ा, फुटपाथों और किनारे के क्षेत्रों की गहन सफाई हर 15 दिनों में नियमित रूप से की जाती है।
प्रमुख मशीनों और संसाधनों की तैनाती
वर्तमान में एनडीएमसी क्षेत्र में निम्नलिखित संसाधन सक्रिय रूप से कार्यरत हैं:
- 7 मशीनीकृत सड़क सफाई मशीनें (MRS) – प्रतिदिन लगभग 350–400 किलोमीटर सफाई
- 10 उच्च-दबाव जेटिंग मशीनें – गहन सफाई के लिए
- 20 गॉब्लर मशीनें – बाजार और भीड़ वाले क्षेत्रों में
- इलेक्ट्रिक ई-कार्ट्स – कनॉट प्लेस, खान मार्केट और सरोजिनी नगर में कचरा पृथक्करण
- 27 वेट मॉपिंग ट्रॉलियां – बाजार क्षेत्रों की दैनिक गीली सफाई
- 29 मैनुअल सफाईकर्मी – संकरी गलियों और कॉलोनियों में कार्यरत
- 4 राइड-ऑन स्वीपर और 4 स्क्रबर मशीनें – फुटपाथों की विशेष सफाई के लिए
स्वच्छ, हरित और आधुनिक नई दिल्ली की दिशा में प्रतिबद्धता
एनडीएमसी ने कहा कि यह समेकित और तकनीक-आधारित स्वच्छता प्रणाली संसाधनों के कुशल उपयोग, बेहतर कार्य-प्रवाह और निरंतर सुधार सुनिश्चित करती है।
संस्था का लक्ष्य आधुनिक तकनीकों और सतत विकास के सिद्धांतों के साथ शहरी स्वच्छता के नए मानक स्थापित करना है, ताकि नई दिल्ली को एक स्वच्छ, हरित और विश्वस्तरीय राजधानी के रूप में विकसित किया जा सके।





