मोतिहारी में DRDO की रक्षा प्रदर्शनी: मिसाइलों से लेकर आधुनिक टैंक तक दिखेगी भारत की ताकत

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बिहार के मोतिहारी में स्थित महात्मा गांधी प्रेक्षागृह एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर के महत्वपूर्ण आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) द्वारा 15 अप्रैल 2026 से 18 अप्रैल 2026 तक यहां एक भव्य रक्षा प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रदर्शनी न केवल आम लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र होगी, बल्कि युवाओं के लिए प्रेरणा का बड़ा माध्यम भी बनेगी।

उद्घाटन और आयोजन की खासियत

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का उद्घाटन रक्षा संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष एवं सांसद राधा मोहन सिंह द्वारा किया जाएगा। उनके नेतृत्व में इस प्रदर्शनी की शुरुआत एक नए उत्साह और ऊर्जा के साथ होगी। आयोजन के दौरान देशभर से आए वैज्ञानिक, रक्षा विशेषज्ञ और विद्यार्थी इसमें हिस्सा लेंगे।

इस प्रदर्शनी का उद्देश्य केवल हथियारों और रक्षा उपकरणों का प्रदर्शन करना नहीं है, बल्कि आम जनता विशेषकर युवाओं को देश की सुरक्षा में उपयोग होने वाली अत्याधुनिक तकनीकों से अवगत कराना भी है।

थीम: शांति, सत्य और विज्ञान का संगम

साल 2026 में इस कार्यक्रम की थीम ‘शांति, सत्य और विज्ञान का संगम- सुरक्षित और आत्मनिर्भर भारत की ओर’ रखी गई है। यह थीम भारत के विकास और सुरक्षा के संतुलन को दर्शाती है। इसका संदेश साफ है की विज्ञान और तकनीक के जरिए देश को न केवल सुरक्षित बनाया जा सकता है, बल्कि आत्मनिर्भर भी बनाया जा सकता है।

अत्याधुनिक मिसाइलों का प्रदर्शन

इस प्रदर्शनी में भारत की प्रमुख मिसाइल प्रणालियों के मॉडल प्रदर्शित किए जाएंगे, जिनमें ब्रह्मोस, पृथ्वी, आकाश, प्रलय और अग्नि जैसी अत्याधुनिक मिसाइलें शामिल है। ये सभी मिसाइलें भारत की रक्षा क्षमता का मजबूत आधार है और देश की सीमाओं की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

इन मॉडलों के माध्यम से लोगों को यह समझने का अवसर मिलेगा की कैसे ये मिसाइलें काम करती है और किस प्रकार आधुनिक तकनीक का उपयोग कर देश की सुरक्षा को मजबूत किया जा रहा है।

युद्धक टैंक और रॉकेट सिस्टम का आकर्षण

प्रदर्शनी में मुख्य युद्धक टैंक अर्जुन, पिनाका रॉकेट सिस्टम और कई उन्नत रडार सिस्टम भी प्रदर्शित किए जाएंगे। अर्जुन टैंक भारतीय सेना की ताकत का प्रतीक है, जबकि पिनाका रॉकेट सिस्टम अपनी मारक क्षमता और सटीकता के लिए जाना जाता है।

इसके अलावा आधुनिक रडार सिस्टम के जरिए यह दिखाया जाएगा की किस तरह दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखी जाती है और समय रहते कार्रवाई की जाती है।

युवाओं के लिए सुनहरा अवसर

यह प्रदर्शनी खासतौर पर छात्रों और युवाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यहां उन्हें विज्ञान, इंजीनियरिंग और रक्षा क्षेत्र से जुड़ी नई जानकारियां मिलेंगी। साथ ही, वे यह भी समझ सकेंगे की किस तरह वे भविष्य में देश की सेवा में अपना योगदान दे सकते है।

DRDO के वैज्ञानिकों से सीधे बातचीत करने का अवसर भी युवाओं को मिल सकता है, जो उनके करियर के लिए मार्गदर्शन साबित हो सकता है।

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम

यह आयोजन भारत सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ मिशन को आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम पहल है। स्वदेशी तकनीकों का प्रदर्शन यह दर्शाता है की भारत अब रक्षा क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

इस तरह के आयोजनों से न केवल देश की तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन होता है, बल्कि लोगों में गर्व और आत्मविश्वास भी बढ़ता है।

मोतिहारी में आयोजित होने वाली यह DRDO प्रदर्शनी न केवल एक तकनीकी कार्यक्रम है, बल्कि यह देशभक्ति, विज्ञान और आत्मनिर्भरता का संगम भी है। यह आयोजन युवाओं को प्रेरित करेगा और उन्हें देश के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करेगा।https://avmtimes.in/pashu-mitra-recruitment-2026-golden-opportunity-for-youth/