खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 खत्म, कर्नाटक टॉप पर, ओडिशा-झारखंड का शानदार प्रदर्शन

भारत के पहले राष्ट्रीय बहु-खेल आयोजन, ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स (KITG) 2026’ का सफलतापूर्वक समापन हो गया है। 25 मार्च से 3 अप्रैल 2026 तक छत्तीसगढ़ के रायपुर, जगदलपुर और सरगुजा में आयोजित इस ऐतिहासिक खेल महाकुंभ ने भारतीय खेल जगत में एक नई क्रांति की शुरुआत की है। यह आयोजन विशेष रूप से भारत की जनजातीय खेल प्रतिभाओं को समर्पित था, जिसने देश की सांस्कृतिक विविधता और युवाओं की अपार संभावनाओं का जीवंत प्रदर्शन किया।
इस भव्य प्रतियोगिता का संयुक्त आयोजन युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI), भारतीय ओलंपिक संघ (IOA), विभिन्न राष्ट्रीय खेल संघों और छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किया गया। इन खेलों का मुख्य उद्देश्य ‘खेलो इंडिया’ कार्यक्रम के तहत जमीनी स्तर पर जनजातीय युवाओं के बीच खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें निखारना है।


प्रमुख आकर्षण और पदक तालिका
• ओवरऑल चैंपियन (कर्नाटक): कर्नाटक ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 23 स्वर्ण, 8 रजत और 7 कांस्य (कुल 38 पदक) के साथ पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया और पहले KITG का समग्र चैंपियन बनने का गौरव प्राप्त किया।
• अन्य शीर्ष राज्य: * ओडिशा (रैंक 2): 21 स्वर्ण, 15 रजत, 21 कांस्य (कुल 57)
o झारखंड (रैंक 3): 16 स्वर्ण, 8 रजत, 11 कांस्य (कुल 35)
o महाराष्ट्र (रैंक 4): 6 स्वर्ण, 10 रजत, 4 कांस्य (कुल 20)
o मेजबान छत्तीसगढ़ (रैंक 9): 3 स्वर्ण, 10 रजत और 6 कांस्य (कुल 19 पदक)
• शुभंकर (Mascot): इन खेलों का आधिकारिक शुभंकर “मोरवीर” था। यह नाम स्थानीय सांस्कृतिक लोकाचार से जुड़ा है, जहाँ “मोर” का अर्थ है “हमारा अपना” और “वीर” बहादुरी और ताकत का प्रतीक है।


सर्वश्रेष्ठ एथलीट
• पुरुष वर्ग: कर्नाटक के तैराक मणिकांता एल (Manikanta L) इस आयोजन के सबसे सफल एथलीट बनकर उभरे। उन्होंने अद्भुत कौशल का प्रदर्शन करते हुए 8 स्वर्ण और 1 रजत पदक अपने नाम किया।
• महिला वर्ग: ओडिशा की अंजलि मुंडा ने तैराकी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 5 स्वर्ण पदक जीते।


कुश्ती मुकाबलों का रोमांच और संजीव दत्ता का विशेष सम्मान

देश भर से आए हजारों जनजातीय खिलाड़ियों ने एथलेटिक्स, भारोत्तोलन, फुटबॉल, हॉकी और तीरंदाजी जैसे खेलों में अपनी गति, शक्ति और तकनीक का लोहा मनवाया। स्वदेशी खेल परंपराओं को उजागर करने के लिए मलखंब और कबड्डी को प्रदर्शन खेल (Demonstration Sports) के रूप में शामिल किया गया था।
कुश्ती प्रतियोगिताएं इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहीं, जहां कर्नाटक के सिद्दी समुदाय के पहलवानों ने शानदार प्रदर्शन किया। इन रोमांचक कुश्ती मुकाबलों का सीधा प्रसारण दूरदर्शन स्पोर्ट्स (DD Sports) चैनल पर किया गया। दूरदर्शन पर इन मुकाबलों को अपनी प्रभावशाली और जीवंत कमेंट्री के माध्यम से देश भर के दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य प्रसिद्ध खेल उद्घोषक संजीव दत्ता ने किया। कमेंट्री के दौरान उन्होंने जनजातीय खिलाड़ियों की ऊर्जा, तकनीकी दक्षता और संघर्षशीलता को बखूबी बयां किया।
इस ऐतिहासिक आयोजन में उनके उत्कृष्ट योगदान और खेल प्रसारण में अहम भूमिका निभाने के लिए, आयोजकों द्वारा संजीव दत्ता को विशेष रूप से सम्मानित भी किया गया। https://avmtimes.in/oil-production-increased-in-the-thar-desert-big-achievement-of-oil-india-indias-energy-self-reliance-got-a-boost/

भविष्य की दिशा

‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’ ने यह सिद्ध कर दिया है कि भारत के जनजातीय क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। सही प्रशिक्षण और संसाधन मिलने पर ये खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन करने की पूरी क्षमता रखते हैं। यह आयोजन न केवल खेल विकास का माध्यम बना है, बल्कि जनजातीय युवाओं के सामाजिक समावेशन और सशक्तिकरण का एक मजबूत मंच भी बनकर उभरा है।https://www.youtube.com/@avmtimes