देश की राजधानी दिल्ली के तुर्कमान इलाके में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई,

देश की राजधानी दिल्ली के तुर्कमान इलाके में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब आधी रात को प्रशासन ने अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ा बुलडोजर एक्शन शुरू किया। फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास स्थित एक अवैध निर्माण को गिराने के लिए देर शाम करीब 17 बुलडोजर मौके पर पहुंच गए। प्रशासन की इस कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती पहले से ही कर दी गई थी, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

मस्जिद से सटे बारात घर और डायग्नोस्टिक सेंटर निशाने पर

प्रशासन की कार्रवाई मस्जिद से सटे एक बारात घर और एक डायग्नोस्टिक सेंटर को लेकर थी, जिन्हें अवैध निर्माण बताया गया। अधिकारियों के अनुसार, इन इमारतों के खिलाफ पहले से ही नोटिस जारी किए जा चुके थे और तय प्रक्रिया के तहत ही यह कार्रवाई की जा रही थी। जैसे ही बुलडोजर आगे बढ़े, इलाके में जमा भीड़ ने इसका विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते माहौल गरमाने लगा और नारेबाजी तेज हो गई।

बुलडोजर एक्शन से पहले ही जमा हो गई थी भीड़

कार्रवाई शुरू होने से पहले ही फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए थे। लोगों में गुस्सा साफ नजर आ रहा था और वे प्रशासन के फैसले का विरोध कर रहे थे। कई लोगों का कहना था की आधी रात को इस तरह की कार्रवाई से इलाके में डर और तनाव फैल गया। वहीं, प्रशासन का तर्क था की अवैध निर्माण हटाना जरूरी है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

हंगामा बढ़ा, पथराव में बदला विरोध

शुरुआत में विरोध केवल नारेबाजी और हंगामे तक सीमित था, लेकिन धीरे-धीरे स्थिति हिंसक होती चली गई। कुछ उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया, जिससे इलाके में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। पुलिस को हालात काबू में करने के लिए हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा। पथराव के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों को चोटें आने की भी खबर सामने आई है, हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि बाद में की गई।

भारी पुलिस बल और सुरक्षा व्यवस्था

स्थिति को देखते हुए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। दिल्ली पुलिस के अलावा अर्धसैनिक बलों की भी मदद ली गई, ताकि कानून व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रहे। प्रशासन ने आसपास के रास्तों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया और लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई। अधिकारियों का कहना है की सुरक्षा व्यवस्था इसलिए सख्त रखी गई थी, ताकि किसी भी तरह की बड़ी हिंसा को रोका जा सके।

प्रशासन का पक्ष और आगे की कार्रवाई

प्रशासन ने स्पष्ट किया है की यह बुलडोजर एक्शन पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया के तहत किया गया। अवैध निर्माण को लेकर पहले ही नोटिस दिए जा चुके थे और अदालत के निर्देशों का पालन करते हुए कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने यह भी कहा की हिंसा फैलाने वालों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इलाके में तनाव, लेकिन हालात नियंत्रण में

बुलडोजर एक्शन और हिंसा के बाद तुर्कमान इलाके में तनाव बना हुआ है, लेकिन पुलिस का दावा है की हालात अब नियंत्रण में है। इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और लगातार निगरानी की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कानून हाथ में न लेने की चेतावनी भी दी है। यह घटना एक बार फिर राजधानी में अवैध निर्माण और उसके खिलाफ होने वाली कार्रवाइयों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।