नई दिल्ली: सरकारी विभागों के कामकाज, विकास कार्यों, बजट खर्च और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़ी जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो सूचना का अधिकार यानी RTI एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके जरिए नागरिक सरकारी रिकॉर्ड में उपलब्ध जानकारी मांग सकते हैं। दिल्ली में सड़क निर्माण, नाली, पार्क, सरकारी योजनाओं, नगर निगम के कार्यों और विधायक निधि से जुड़े विकास कार्यों की जानकारी के लिए भी RTI का उपयोग किया जा सकता है।
इस लेख में जानिए दिल्ली में RTI कैसे लगाएं, आवेदन कहां जमा करें, कितनी फीस लगती है और ऑनलाइन या डाक के माध्यम से आवेदन कैसे भेजें।
RTI क्या है?
RTI का पूरा नाम Right to Information यानी सूचना का अधिकार है। सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत नागरिक निर्धारित नियमों के अनुसार संबंधित सार्वजनिक प्राधिकरण से उपलब्ध सरकारी रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जानकारी मांग सकते हैं।
इसमें सरकारी आदेश, स्वीकृत बजट, खर्च का विवरण, कार्यादेश, टेंडर संबंधी रिकॉर्ड, निरीक्षण रिपोर्ट और संबंधित विभाग के पास उपलब्ध अन्य दस्तावेज शामिल हो सकते हैं। हालांकि, कानून में कुछ सूचनाओं को देने से छूट भी दी गई है।
दिल्ली में किन विषयों पर RTI लगा सकते हैं?
नागरिक अपनी जरूरत के अनुसार संबंधित विभाग से जानकारी मांग सकते हैं। उदाहरण के लिए:
- विधायक निधि के कार्य: स्वीकृत परियोजनाओं, जारी राशि, कार्यादेश और उपलब्ध खर्च रिकॉर्ड की जानकारी।
- सड़क और नाली निर्माण: कार्य की स्वीकृत लागत, ठेकेदार, कार्य शुरू होने की तारीख और पूर्णता रिपोर्ट।
- दिल्ली नगर निगम (MCD): सफाई, कूड़ा प्रबंधन, पार्क, नालियों और सार्वजनिक निर्माण कार्यों का रिकॉर्ड।
- सरकारी स्कूल: उपलब्ध बजट, स्वीकृत सुविधाओं और निर्धारित कार्यों से संबंधित रिकॉर्ड।
- सरकारी योजनाएं: योजना के नियम, पात्रता, आवेदन की स्थिति और संबंधित रिकॉर्ड, जहां कानून के तहत उपलब्ध हों।
ध्यान रखें कि आवेदन उसी विभाग या सार्वजनिक प्राधिकरण को भेजना चाहिए जिसके पास संबंधित रिकॉर्ड होने की संभावना है।

दिल्ली में ऑनलाइन RTI कैसे लगाएं?
दिल्ली सरकार के विभागों के लिए आधिकारिक ऑनलाइन RTI पोर्टल उपलब्ध है।
आवेदन करने की प्रक्रिया:
- दिल्ली सरकार के RTI पोर्टल https://rtionline.delhi.gov.in/ पर जाएं।
- ‘Submit Request’ विकल्प चुनें।
- दिए गए निर्देशों को ध्यान से पढ़ें।
- संबंधित विभाग या सार्वजनिक प्राधिकरण चुनें।
- अपनी जानकारी स्पष्ट और बिंदुवार लिखें।
- निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन शुल्क जमा करें।
- आवेदन सबमिट करके रजिस्ट्रेशन नंबर सुरक्षित रखें।
महत्वपूर्ण: दिल्ली सरकार के इस पोर्टल का उपयोग केंद्र सरकार के विभागों के लिए न करें। इसी तरह केंद्र सरकार का RTI पोर्टल दिल्ली सरकार के विभागों के लिए नहीं है।
RTI आवेदन की फीस कितनी है?
RTI की फीस संबंधित कानून और लागू नियमों पर निर्भर करती है।
दिल्ली सरकार के सामान्य RTI ऑनलाइन पोर्टल पर शुल्क पोर्टल के निर्देशों के अनुसार जमा किया जाता है। वहीं, दिल्ली के कुछ विभागों पर लागू अलग नियमों के अंतर्गत शुल्क अलग हो सकता है।
उदाहरण के लिए, दिल्ली के Right to Information Rules, 2001 के अंतर्गत आने वाले मामलों में आवेदन शुल्क ₹25 और सामान्य दस्तावेजों की प्रतियों के लिए ₹5 प्रति पृष्ठ निर्धारित है। इसलिए आवेदन भेजने से पहले संबंधित विभाग के वर्तमान नियम जरूर जांचें।
केंद्र सरकार के विभागों के लिए सामान्य आवेदन शुल्क ₹10 है, जिसके नियम अलग हैं। पात्र BPL आवेदकों को लागू नियमों के अनुसार शुल्क में छूट मिल सकती है।
स्पीड पोस्ट से ऑफलाइन RTI कैसे भेजें?
यदि आप ऑनलाइन आवेदन नहीं करना चाहते, तो संबंधित विभाग के जन सूचना अधिकारी (PIO/SPIO) को डाक से आवेदन भेज सकते हैं।
- आवेदन में विभाग का नाम और उपलब्ध होने पर संबंधित जन सूचना अधिकारी का पदनाम लिखें।
- विषय में RTI अधिनियम, 2005 के तहत मांगी गई जानकारी का उल्लेख करें।
- मांगी गई सूचना को क्रमवार बिंदुओं में लिखें।
- संबंधित विभाग के लागू नियमों के अनुसार शुल्क जमा करें।
- आवेदन को स्पीड पोस्ट से भेजें और रसीद सुरक्षित रखें।
- डाक की डिलीवरी का रिकॉर्ड संभालकर रखें।
ध्यान दें कि केवल स्पीड पोस्ट से आवेदन भेजने पर शुल्क जमा करने की शर्त पूरी नहीं होती। आवेदन शुल्क का सही भुगतान करना भी आवश्यक है। शुल्क भुगतान का तरीका संबंधित विभाग से सत्यापित करें।
RTI आवेदन में क्या लिखें?
एक अच्छे RTI आवेदन में निम्नलिखित जानकारी शामिल होनी चाहिए:
- आवेदक का नाम और पत्राचार का पता।
- संबंधित विभाग का नाम।
- मांगी गई सूचना का स्पष्ट विवरण।
- जानकारी से संबंधित अवधि या वित्तीय वर्ष।
- आवश्यक दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियों का अनुरोध, यदि जरूरी हो।
- लागू नियमों के अनुसार शुल्क भुगतान का विवरण।
उदाहरण के लिए, यदि आप किसी विधानसभा क्षेत्र में एक वर्ष के दौरान हुए विकास कार्यों की जानकारी चाहते हैं, तो कार्यों की सूची, स्वीकृत राशि, कार्यादेश, खर्च का विवरण और पूर्णता रिपोर्ट जैसे रिकॉर्ड मांग सकते हैं।
RTI का जवाब कितने दिनों में मिलता है?
RTI अधिनियम, 2005 के तहत सामान्य मामलों में संबंधित सार्वजनिक सूचना अधिकारी को आवेदन प्राप्त होने के 30 दिनों के भीतर सूचना देनी होती है या कानून के अनुसार उचित कार्रवाई करनी होती है। कुछ परिस्थितियों में अलग समय-सीमा लागू होती है।
यदि निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलता या सूचना से संबंधित कोई आपत्ति है, तो परिस्थितियों के अनुसार प्रथम अपील की जा सकती है। प्रथम अपील की समय-सीमा और प्रक्रिया के लिए संबंधित कानून के प्रावधान देखें।https://avmtimes.in/
RTI लगाते समय इन गलतियों से बचें
- गलत विभाग को आवेदन भेजना।
- एक ही आवेदन में बहुत अलग-अलग विषयों की जानकारी मांगना।
- समय अवधि स्पष्ट न करना।
- बिना सत्यापन के शुल्क भुगतान करना।
- आवेदन और डाक रसीद की प्रति सुरक्षित न रखना।
- रिकॉर्ड मांगने के बजाय बहुत व्यापक प्रश्न या स्पष्टीकरण मांगना।
जहां संभव हो, सूचना को छोटे और स्पष्ट बिंदुओं में मांगें। इससे संबंधित रिकॉर्ड की पहचान करना आसान होता है।https://youtu.be/B4XhnUph4ZY?si=_rvubu-DapxU6BYi
निष्कर्ष
RTI नागरिकों को सरकारी कामकाज से संबंधित उपलब्ध जानकारी प्राप्त करने का कानूनी माध्यम देती है। दिल्ली में विकास कार्यों, सार्वजनिक सुविधाओं और सरकारी योजनाओं से जुड़े रिकॉर्ड की जानकारी मांगने के लिए नागरिक ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं। सही विभाग का चयन, स्पष्ट सवाल और उचित शुल्क भुगतान आवेदन की प्रक्रिया को आसान बनाते हैं।
AVM Times की सलाह: RTI भेजने से पहले संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध नवीनतम नियम, जन सूचना अधिकारी का विवरण और शुल्क की पुष्टि अवश्य करें।
आधिकारिक स्रोत
- दिल्ली सरकार RTI पोर्टल: https://rtionline.delhi.gov.in/
- केंद्र सरकार RTI पोर्टल: https://rtionline.gov.in/
- दिल्ली सरकार का प्रशासनिक सुधार विभाग: https://ard.delhi.gov.in/rti/right-information-rules-2001



