दिल्ली में बड़ा खुलासा: एक्सपायर्ड Coca-Cola, Thums Up, Sprite पर नई Expiry डालकर हो रही थी बिक्री क्राइम ब्रांच का छापा

राजधानी दिल्ली में मिलावटी और एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थों के कारोबार को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने द्वारका के बामनोली गांव में एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है। यहां एक गोदाम में नामी इंटरनेशनल कंपनियों के एक्सपायर्ड हो चुके बिस्कुट और कोल्ड ड्रिंक पर नई मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट डालकर उन्हें दोबारा बाजार में बेचने का अवैध धंधा चल रहा था।

कैसे हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा?

इस पूरे मामले की जानकारी पुलिस को सोमवार के दिन मिली थी। सूचना मिलते ही क्राइम ब्रांच की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बामनोली गांव स्थित गोदाम पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके पर ही आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया, जो एक्सपायर्ड उत्पादों की तारीख बदलने का काम कर रहे थे।

पुलिस ने बताया की आरोपी डोमिनो प्रिंटिंग मशीन और थिनर का इस्तेमाल करके पुराने प्रिंट को मिटाते थे और उस पर नई मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट छाप देते थे। इस तरह ये लोग ग्राहकों को धोखा देकर खराब और एक्सपायर्ड सामान को बाजार में दोबारा बेचते थे।

मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी

इस मामले में पुलिस ने तीन मुख्य आरोपियों—कमल मुदगिल, लोकेश कुमार और शिवम—को गिरफ्तार किया है। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है की इस फर्जीवाड़े का नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल है।

भारी मात्रा में नकली तैयार माल बरामद

छापेमारी के दौरान पुलिस ने गोदाम से भारी मात्रा में नकली और एक्सपायरी बदलकर तैयार किया गया सामान बरामद किया है। जब्त किए गए उत्पादों में कई नामी ब्रांड्स शामिल हैं, जैसे:

Coca-Cola के 35 बॉक्स (कुल 1,176 केन)

Thums Up के 25 बॉक्स (कुल 600 केन)

Sprite के 35 बॉक्स (कुल 840 केन)

Limca के 20 बॉक्स (कुल 480 केन)

Hide & Seek Milano बिस्कुट के 1 बॉक्स (20 पैकेट)

यह सभी उत्पाद एक्सपायर्ड हो चुके थे, लेकिन उन पर नई तारीख डालकर बाजार में सप्लाई करने की तैयारी की जा रही थी।

आम जनता की सेहत के साथ खिलवाड़

यह मामला सिर्फ धोखाधड़ी का ही नहीं बल्कि आम लोगों की सेहत के साथ गंभीर खिलवाड़ का भी है। एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थों का सेवन करने से लोगों को फूड प्वाइजनिंग, पेट से जुड़ी समस्याएं और अन्य गंभीर बीमारियां हो सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है की इस तरह के उत्पाद बच्चों और बुजुर्गों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकते है। ऐसे में इस तरह के गिरोहों पर सख्त कार्रवाई बेहद जरूरी है।

पुलिस की आगे की जांच जारी

क्राइम ब्रांच अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है की यह सामान कहां-कहां सप्लाई किया जा रहा था और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की क्या भूमिका है।

संभावना जताई जा रही है की यह रैकेट लंबे समय से सक्रिय था और दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में इस तरह का सामान पहुंचाया जा रहा था।

उपभोक्ताओं के लिए जरूरी सलाह

इस घटना के बाद उपभोक्ताओं को भी सतर्क रहने की जरूरत है। किसी भी खाद्य या पेय पदार्थ को खरीदते समय उसकी मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट जरूर जांचें। अगर पैकेजिंग पर कोई छेड़छाड़ नजर आए तो तुरंत सतर्क हो जाएं और संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना दें।https://avmtimes.in/recruitment-for-94-posts-in-igm-noida-you-can-apply-till-27th-april/

इस तरह की कार्रवाई से साफ है की पुलिस अब ऐसे फर्जीवाड़ों पर सख्ती से नजर रख रही है। उम्मीद है की इस मामले में और भी बड़े खुलासे सामने आ सकते है और दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी।https://www.youtube.com/@avmtimes