प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 जून 2026 से 29 जून 2026 तक तीन दिन के आधिकारिक दौरे पर हिंद महासागर के द्वीपीय देश सेशेल्स पहुंचे हैं। यह यात्रा कई मायनों में बेहद खास मानी जा रही है, क्योंकि करीब 11 साल बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री इस देश का दौरा कर रहा है।
यह दौरा न केवल कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि भारत की इंडो-पैसिफिक रणनीति, समुद्री सुरक्षा और वैश्विक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में भी एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
दौरे की मुख्य बातें (Highlights)
- यात्रा अवधि: 27 जून – 29 जून 2026
- अवसर: सेशेल्स का नेशनल डे (Golden Jubilee)
- उद्देश्य: द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना
- कार्यक्रम: राष्ट्रपति से मुलाकात, संसद को संबोधन, भारतीय समुदाय से बातचीत (The Times of India)
क्यों खास है यह दौरा?
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा इसलिए भी अहम है क्योंकि सेशेल्स हिंद महासागर क्षेत्र में एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण देश है। भारत इस क्षेत्र में अपनी मौजूदगी और प्रभाव को मजबूत करना चाहता है, खासकर समुद्री सुरक्षा, व्यापार और कनेक्टिविटी के संदर्भ में।
सेशेल्स, भारत के “SAGAR (Security and Growth for All in the Region)” विज़न का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस विज़न के तहत भारत अपने पड़ोसी और समुद्री देशों के साथ सहयोग बढ़ाने पर जोर देता है।
नेशनल डे समारोह में शामिल होंगे पीएम मोदी

इस यात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण है कि प्रधानमंत्री मोदी सेशेल्स के नेशनल डे समारोह में मुख्य अतिथि (Guest of Honour) के रूप में शामिल होंगे।
- यह समारोह 29 जून को मनाया जाता है
- यह सेशेल्स की स्वतंत्रता और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है
- 2026 में यह 50वीं वर्षगांठ (Golden Jubilee) है, जो इसे और खास बनाती है
इस अवसर पर भारतीय रक्षा बलों की टुकड़ी और नौसेना के जहाज भी समारोह में हिस्सा लेंगे, जो दोनों देशों के मजबूत रक्षा सहयोग को दर्शाता है।
भारत-सेशेल्स संबंध: कितने मजबूत हैं रिश्ते?
भारत और सेशेल्स के बीच संबंध लंबे समय से मजबूत और मित्रतापूर्ण रहे हैं।
प्रमुख सहयोग क्षेत्र:
- समुद्री सुरक्षा और रक्षा
- इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास
- शिक्षा और कौशल विकास
- हिंद महासागर में रणनीतिक साझेदारी
हाल ही में भारत ने सेशेल्स को 175 मिलियन डॉलर का आर्थिक पैकेज भी दिया था, जिससे वहां विकास परियोजनाओं को बढ़ावा मिलेगा। (Akashvani News)
द्विपक्षीय वार्ता पर रहेगा फोकस
इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी, सेशेल्स के राष्ट्रपति के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें करेंगे।
इन बैठकों में निम्न मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है:
- व्यापार और निवेश बढ़ाना
- रक्षा सहयोग को मजबूत करना
- ब्लू इकॉनमी (समुद्री संसाधनों का उपयोग)
- जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण
UNSC सीट पर सेशेल्स का समर्थन
इस दौरे से पहले एक बड़ी कूटनीतिक खबर सामने आई कि सेशेल्स ने भारत की UNSC (संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद) में स्थायी सदस्यता की दावेदारी का खुलकर समर्थन किया है। (The Times of India)
यह समर्थन भारत के लिए वैश्विक मंच पर एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है और यह दोनों देशों के बीच बढ़ते भरोसे को भी दर्शाता है।
हिंद महासागर में भारत की रणनीति
सेशेल्स, भारत की समुद्री रणनीति में एक अहम कड़ी है।
भारत का लक्ष्य है:
- हिंद महासागर में सुरक्षा सुनिश्चित करना
- चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करना
- समुद्री व्यापार मार्गों को सुरक्षित रखना
इसलिए, सेशेल्स जैसे देशों के साथ मजबूत संबंध भारत की विदेश नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
🇮🇳 भारतीय समुदाय से भी करेंगे मुलाकात
प्रधानमंत्री मोदी इस दौरे के दौरान सेशेल्स में रहने वाले भारतीय समुदाय (Indian Diaspora) से भी मुलाकात करेंगे। (The Times of India)
भारतीय समुदाय वहां की अर्थव्यवस्था और समाज में अहम भूमिका निभाता है, और यह मुलाकात दोनों देशों के सांस्कृतिक रिश्तों को भी मजबूत करेगी।
निष्कर्ष (Conclusion)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह सेशेल्स दौरा केवल एक औपचारिक यात्रा नहीं है, बल्कि यह भारत की वैश्विक रणनीति, समुद्री सुरक्षा और कूटनीतिक ताकत को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
नेशनल डे समारोह में भागीदारी, द्विपक्षीय वार्ता और UNSC समर्थन जैसे पहलू इस यात्रा को और भी महत्वपूर्ण बनाते हैं।
आने वाले समय में यह दौरा भारत और सेशेल्स के रिश्तों को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की भूमिका को और मजबूत कर सकता है।





